क्या आप जानते हैं दुनिया के 5 रहस्य जिनके जवाब नहीं ढूंढ पाया विज्ञान / duniya ke 5 rahasy
दुनिया के 5 रहस्य जिनके जवाब नहीं ढूंढ पाया विज्ञान
ते दोस्तों आज मैं आपको ऐसे पांच रहस्य के
बारे में बताने जा रहा हूं जो कि दुनिया के अनसुलझे रहस्य है। आज दूनिया के सबसे
बडें रहस्यों के बारे में जानकर बहुत अधिक अचंभा जरूर होगा तो चलिए आपको उन
रहस्यों के बारे में अवगत कराता हूं
प्रकृति के कई ऐसे बहुत से रहस्य हैं जो आज
भी अनसुलझे है। वैज्ञानिक कुछ रहस्यों की खोज कर उनके रहस्यों से तो परदा हटा दिया
गया है। लेकिन दुनिया में आज भी ऐसे बहत से रहस्या है जो कि अभी तक कोई भी
वैज्ञानिक उन्हें सुलझा नहीं पाया। तो चलिए आज जानतें है ऐसी ही कुछ पहलियों के
बारे में जो आज भी अनसुलझी हैं ।
द डांसिग प्लेग ऑफ 1518
इसको
पढ़कर ऐसा महसूस होता है जैसे कि यह कोई कहानी हो। 1518 मे गर्मी के दिनों में स्ट्रासबर्ग शहर में एक महिला ने
सडक पर बहुत ही भयानक तरीके से नाचना शुरू कर दिया था। वह पूरे दिन नाचती थी सुबह
से लेकर शाम तक और शाम से रात और रात से फिर सुबह। ऐसे ही पूरे सात दिन बीत चुके
थे और उन सात दिनों में वह अकेली नहीं उसके साथ 34 और महिलाओं ने भी उसकी तरह ही नाचना शुरू कर दिया था। उसे
देखकर ऐसा लगा मानो कि उनके अंदर किसी भी प्रेत आत्मा का साया समा चुका हो। नाचने
के लिए न तो कोई दिन था और न ही कोई खास मौका था। ऐसे ही एक महीना बीत चुका था और
उनकी संख्या 34 से बढकर 400 हो गई थी। इन सब पर नियंत्रण पाने के लिए धार्मिक गं्रथों
की खोज की उनका हल देखा और लोगों ने वैज्ञानिकों को भी बुलाया। कई महिलाओं की तो
हालाता बहुत ही खराब हो चुकी थी और कुछ एक महिलाओं की नाचते नाचते मौत भी हो गई
थी। लेकिन यह कांरवा रूका नहीं। इसके बाद इन सब को देखकर उनके लिए लकड़ी का स्टेज
तैयार किया गया अलग से हाॅल भी तैयार कराए गए। लोगों का मता था कि उनकी हालात मे
तभी सुधार आएगा जब वे रात और दिन लगातार नाचेंगी। इसके पीछे बहुत सी थ्योरी दी गई, मानसिक बिमारी की वजह बताइ गईं और कई और तरीके भी आजमाए गए लेकिन ऐसी घटना का आज तक भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल पाया।
द एस एस
ओरंग मेडान
यह
बात सन 1947 जून के महीने की है जब मलक्का की खाडी से व्यापारिक मार्ग
से बहुत से व्यापारी जहाज गुजर रहे थे। तभी एक एसओएस का संदेश पहुचा, जहाज के हर एक प्रति व्यक्ति की मौत की खबर आई। उसके नजदीकी
जहाज का सिग्नल के आधार पर उस जहाज के पास में जाने की कोशिस की गई। सबसे नजदीक
जहाज मर्चेन्ट द सिल्वर स्टार का सिग्नल की तरफ तेजी से उसकी ओर बढ। ओरंग मैडान पर
आते ही सबने जो मंजर देखा उसे देखकर सब हैरान हो गए। वहां पर सवार प्रत्येक
व्यक्ति की मौत हो चुकी थी। वाहं पर शव इधर उधर पड़े हुए थे। कुछ लोगों की आंखे
खुली थी लेकिन उनके आंखो से डर साफ तौर पर दिख रहा था। सबसे मजे की बात तो यह है
कि वाहं पर सवार एक कुत्ते की भी मोत हो चुकी थ्ीा। और किसी के भी शरीर पर घाव के
निशान नहीं थे। जब उन शवों के पास जाया गया तो सभी को बहुत ही ठंड महसूस होने लगी
जबकि वहां का तापमान सिफ्र्र 110
डिग्री फाॅरेनहाइट था। आश्चर्य की बात तो यह थी कि सभी का शव सलामत थे। तब सभी ने
वापिस द सिल्वर स्टार के क्रू सदस्यों ने वापिस जाने का फैसला किया। इससे पहले
उनकी डेक के नीचे से ध्ुाआ निकलने लगा था। एस एस ओरंग मेडान का ब्लास्ट होेने से
पहले वे सभी लोग किसी तहर अपनी शिप पर वापिस आ गए थे वो भी कुछ ही सैकण्ड का फैसला
था और वह विस्फोट हो गई। कुछ लोगेां ने इसे प्राकृतिक गैस का बनने का हवाला दिया
तो कुछके ने सुपर नैचुरल पावर का कहते है।
खिसकता
हुआ पत्थर
डेथ
वैली,
कैलिफोर्निया के नाम से सुप्रसिद्ध यह जगह पर सैकडों की
तादात में पत्थर हैं इस सुखे हुए मरूस्थल के कारण ही इसे डेथ वैली की संज्ञा दी
गयी है। इस मरूस्थ्ल में बहुत ही रहस्यमयी पत्थर मौजूद ंहैं कुछ पत्थर तो ऐसे है
जो कि घिसटते हुए आगे की ओर अग्रसर हो रहे है। उनके पीछे लंबी लकीरें भी मौजूद है।
यह नजारा देखकर आप हैरान हो जाआगों। ये पत्थर किसी इंसान के माध्यम से या कोई जानवर
के माध्यम से खिसकाएं जाने के कोइ्र सबूत नहीे मिलते है क्येांकि मिटी सही तरह से
रहती है। कुछ का मानना है कि भौगोलिक बदलाव या तूफान के चलते पत्थरों में कुछ इस
तरह की घटना होती रहती है। यह भी आज तक एक रहस्यम बना हुआ है।
मिनेसोटा
डेविल्स वॉटरफॉल
इस झरने की की खास बात यह है कि इसमें से
दो धाराएं निकलती हैं जो कि एक धारा तो उपर से गिरने के बाद सामान्यत नीचे आती है
लेकिन दूसरी धारा उपर से एक छेद में गिरती है वहां वह गायब हो जाती है। इस गुत्थी
को आज तक कोई नहीं सुलझा पाया है। हैरान कर देने की बात तो यह है कि इस छैद मं एक
नदी का पानी समा जाता है।
इजिप्ट के
मंदिर में छुपाकर रखे गए जूते
पुरात्न विभाग के द्वारा 2004 में एक खुदाइ्र के समय एक अजब गजब चीज मिली। एक जार मेे
उन्हें सात जोड़ी जूते मिले वो भी एक साथ। इन जूते की स्थिति बहुत ही साफ सुथरी थी।
उनमें से दो जो़डी जूते बच्चो व बाकी वयस्कों के थे । ऐसा माना जाता है कि इसको आज
से दो हजार साल पहले जान बूझकर छुपाया गया था।
निष्कर्ष
आशा करता हूं कि आपकेा यह सब पढकर बहुत ही
मजा आया होगा और साथ ही आश्चर्य भी हुआ होगा कि आज भी दुनियामें ऐसे बहुत से रहस्य
है जिन्हें हम नहीं जानते। तो आप हमारे साथ बने रहिए और हम आपकेा ऐसे ही बहुत से
रहस्यों के बारे में बताएंगे जो कि आपको बहुत पसंद आने वाले है।
बहुत बहुत धन्यवाद।






Bhai pahle esa kabhi socha bhi nahi tha
ReplyDeleteOho really
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